ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मशहद स्थित शिया समुदाय के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक इमाम रजा दरगाह में पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए देशभर से लाखों लोग मशहद पहुंचे। शहर की सड़कों पर लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा, जहां शोकाकुल नागरिकों के हाथों में ईरानी झंडे और खामेनेई की तस्वीरें नजर आईं। पूरे माहौल में गम और श्रद्धांजलि का भाव साफ दिखाई दिया।
अंतिम संस्कार से पहले खामेनेई के पार्थिव शरीर को इराक के पवित्र शहर नजफ और कर्बला ले जाया गया, जहां शिया परंपराओं के अनुसार धार्मिक रस्में पूरी की गईं। इसके बाद एक सप्ताह तक ईरान के विभिन्न हिस्सों में शोक सभाएं और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। अयातुल्ला खामेनेई ईरान के दूसरे ऐसे सर्वोच्च नेता बने, जिन्हें मशहद में दफनाया गया है।
बताया गया कि खामेनेई की मौत 28 फरवरी को तेहरान स्थित उनके आवास पर हुए अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में हुई थी। यह हमला ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच शुरू हुए संघर्ष के पहले दिन हुआ था। उनकी मौत के बाद पूरे देश में कई दिनों तक राष्ट्रीय शोक का माहौल बना रहा।
अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोग काले कपड़े पहनकर पहुंचे और खामेनेई के समर्थन में नारे लगाए। कई लोगों ने उनकी हत्या का बदला लेने की मांग भी उठाई। तड़के सुबह से ही हजारों लोग मस्जिदों, सड़कों और दरगाह परिसर में जुटने लगे थे। तेहरान, कोम, नजफ और कर्बला से होते हुए आखिरकार उनके पार्थिव शरीर को मशहद लाया गया, जहां पूरे राजकीय सम्मान और धार्मिक परंपराओं के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
अयातुल्ला खामेनेई की अंतिम यात्रा में उमड़ी भारी भीड़, मशहद बना श्रद्धांजलि का केंद्र
Source: Nation Sphere